अंतिम अद्यतन: 20 सितंबर 2026
कर-छूट (80G) के बारे में
समिति सोसाइटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत है, पर उसके पास अभी आयकर अधिनियम की धारा 80G की छूट नहीं है। इसका अर्थ है कि इस समय दान पर आयकर में छूट का दावा नहीं किया जा सकता। यह बात हर रसीद पर स्पष्ट लिखी रहती है। छूट प्राप्त होने पर यह नीति और रसीद दोनों अद्यतन कर दी जाएँगी।
रसीद
हर सफल दान की रसीद अपने-आप बनती है — माँगनी नहीं पड़ती। रसीद पर क्रम-संख्या, राशि, दिनांक, उद्देश्य और एक QR कोड होता है, जिससे कोई भी उसकी सत्यता जाँच सकता है। रसीद संख्या में कोई अंतराल नहीं होता, ताकि लेखा-परीक्षा में कोई प्रश्न न रहे।
दान का उपयोग
दान करते समय आप उद्देश्य चुन सकते हैं — शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल, विद्यालय विकास आदि। उस उद्देश्य के लिए दिया गया धन उसी में लगाया जाता है। यदि किसी कारण वह काम संभव न हो, तो समिति आपसे संपर्क करके अनुमति लेगी या राशि सामान्य कोष में डालने का प्रस्ताव देगी।
पारदर्शिता
आय और व्यय का सारांश सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जाता है। किसी दानदाता का नाम उसकी सहमति के बिना सार्वजनिक नहीं होता, और अनाम दान का विकल्प हमेशा उपलब्ध है।
हम क्या नहीं लेते
- विदेशी अंशदान — इसके लिए अलग FCRA पंजीकरण आवश्यक है, जो अभी नहीं है
- ऐसा दान जिसकी शर्तें संस्था के उद्देश्यों के विरुद्ध हों
- गुमनाम नक़द दान जिसका स्रोत बताया न जा सके